
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा का आखिरी दौर वीरवार को दोपहर बारह बजे से शुरू हो जाएगा। यह शुक्रवार सुबह दस बजे तक चलेगा। शाही स्नान के लिए देश के कौने-कौने से आए दस हजार से अधिक श्रद्धालु वीरवार को डल झील में आस्था की डुबकी लगाएंगे। पंडित सूरज शर्मा ने बताया कि राधा अष्टमी का पर्व वीरवार (12 सिंतबर) को सुबह 11.38 से शुरू होगा, जो अगले दिन शुक्रवार सुबह 9.35 तक चलेगा। वीरवार दोपहर को चरपट नाथ और दशनामी अखाड़े की छड़ी डल झील में पहुंच जाएगी। शुक्रवार को राधा अष्टमी समाप्त होने के बाद ही यह छड़ी भरमौर के लिए रवाना होगी। इस पावन घड़ी में स्नान करने के लिए हजारों श्रद्धालु डल झील पहुंचते हैं। जैसे ही वीरवार को राधा अष्टमी पर्व शुरू होगा तो डल झील पर पानी उफान मारना शुरू हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन बेला में जो भी श्रद्धालु डल झील में स्नान करने के बाद चतुर्मुखी शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ तिल पत्र से पूजन करता है, उसकी मनोकामना हमेशा पूर्ण होती है। भगवान शंकर ने राधा को यह आशीर्वाद दिया था। महंत सोम गिरि, नारयण गिरि और काल गिरि बताते हैं कि इसी पर्व की रात को यहां सारी रात जागरण करने पर भक्तों को कैलाश पर्वत पर दिव्य अलौकिक ज्योति के दर्शन भी होते हैं। कहा जाता है कि जब कृष्ण भगवान शंकर से मिलने आए थे तो उन्होंने जन्माष्टमी पर्व का फल कृष्ण को दे दिया, जबकि राधा अष्टमी पर स्नान करने का फल माता राधा को दिया, जो स्वयं अन्नपूर्णा हैं।
